बारिश नहीं होने से दो सप्ताह से उमस भरी गर्मी से शहरवासी परेशान थे। लेकिन मानसून के आगमन से एक दिन पहले हुई बारिश और बुधवार को हवा में ठंडक घुलने से उमस से राहत मिल गई। दिन-रात दोनों तापमान में 3 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इतना ही नहीं अधिकतम तापमान सामान्य से 5.4 डिग्री नीचे पहुंच गया। इससे दिनभर मौसम सुहावना रहा। दिन में बूंदाबांदी भी हुई। ग्वालियर में पिछले दो साल से अच्छी बारिश हो रही है। इस साल भी ग्वालियर का औसत बारिश का कोटा 790.6 मिमी पूरा हाेने की संभावना है।
5 साल में सबसे ज्यादा बारिश पिछले वर्ष हुई थी
5 साल के दौरान सबसे अधिक बारिश पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर में हुई थी। अगस्त में 257.6 मिमी तो सितंबर में 317.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर का मानसून सीजन का औसत कोटा 790.6 मिमी है। लेकिन पिछले पूरे मानसून सीजन में 901.9 मिमी रिकॉर्ड बारिश हुई थी। 2018 में 813.3 मिमी बारिश हुई थी। इससे पहले 2015 से लेकर 2017 तक मानसून सीजन का बारिश का कोटा पूरा नहीं हो पाया था।
सामान्य से नीचे पहुंचा दिन-रात का पारा
दिन-रात का पारा सामान्य से नीचे पहुंचने के कारण लोगों को उमस से राहत मिली है। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 3.4 डिग्री गिरावट के साथ 33.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री गिरावट के साथ 25.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.4 डिग्री कम रहा।

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