पंजाब नेशनल बैंक शाखा शिवपुरी से एक आदिवासी के नाम पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर 5.50 लाख रुपए निकाले जाने का मामला सामने आया है। शिवपुरी तहसील के सेंवड़ा गांव में आदिवासी के नाम दर्ज 45 बीघा जमीन पर केसीसी जारी किया गया है। लेकिन पीड़ित विजय आदिवासी का कहना है कि उस जमीन पर किसी भी बैंक से ऋण नहीं लिया। किसान क्रेडिट कार्ड किसने बनवाकर उसके नाम से रकम निकाली है, उसे कुछ भी पता नहीं है। वहीं बैंक के अधिकारी केसीसी किसान विजय के नाम से ही जारी होना बता रहे हैं। इतना ही नहीं मौके पर जमीन वन विभाग के कब्जे में है।
सेंवड़ा गांव में फोरलेन हाइवे किनारे विजय आदिवासी की जमीन है। विजय को खसरा-खतौनी की नकल निकलवाने पर पता चला है कि उक्त जमीन पंजाब नेशनल बैंक शाखा शिवपुरी में बंधक है। इसका अमल 1 जनवरी 2015 को हुआ है। बैंक शाखा पहुंचकर मैनेजर से संपर्क किया। अधिकारी पहले तो एक हफ्ते तक टालते रहे। बाद में केसीसी की फाइल दिखा दी जिसमें किसान विजय के फोटो के साथ हस्ताक्षर हैं। किसान का कहना है कि उसे हस्ताक्षर करना नहीं आते। वह दस्तावेजों पर अंगूठा लगाता है।
दस साल से किसान ने इस बंजर जमीन पर खेतीबाड़ी से संबंधित कोई काम नहीं किया
किसान विजय आदिवासी ने साल 2010 से जमीन पर खेतीबाड़ी संबंधी कोई काम नहीं किया। समीप ही सतनवाड़ा रेंज का जंगल लगा है। विजय की जमीन वर्तमान में भी बंजर पड़ी है। केसीसी जारी करने से पहले बैंक का फील्ड ऑफिसर विजिट करता है। जब मौके पर खेतीबाड़ी ही नहीं होती तो फिर बंजर जमीन पर केसीसी कैसे बना दी। तत्कालीन बैंक के अधिकारी और फील्ड ऑफिसर, पटवारी की भूमिका संदिग्ध है।
किसान के नाम ही केसीसी जारी हुआ है, हमारे पास फोटो और हस्ताक्षर हैं
बैंक से किसान विजय आदिवासी के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है। फाइल में उसके फोटो और हस्ताक्षर हैं। केसीसी उसी के नाम से जारी हुआ है, हमारे पास पूरा रिकार्ड है। हमारी ओर से किसी प्रकार की कोई गलती नहीं हुई है। किसान खुद जांच करे।
मनोज कुमार, शाखा प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक शाखा शिवपुरी
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