हवा बंगला में रहने वाली 80 वर्ष की महिला की कोरोना से शुक्रवार को मौत हो गई। ब्लडप्रेशर और शुगर तो वर्षों से था, लेकिन सात दिन पहले तबीयत खराब हुई। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजन अस्पताल ले गए। पहले दिन सैंपल लिया और दूसरे दिन पता चला कि मां संक्रमित हो गईं। परिजन को अस्पताल से ही होम क्वारेंटाइन कर दिया गया। इधर, मां की तबीयत ठीक होने के बजाय बिगड़ती गई। पांच दिन में तीन-चार बार घर वालों से बात हुई तो मां यही कहती रहीं कि मुझे घर ले चलो। वहीं ठीक हो जाऊंगी। अस्पताल में दम घुट रहा है। पोते, बहू, बेटे से मिलने की जिद पूरी ही नहीं हो पाई। अंतिम दर्शन के लिए परिजन और रिश्तेदार सब जाना चाहते थे, लेकिन अंत्येष्टि में चार लोगों को ही अनुमति मिली।
दो अस्पतालों से 800 मरीज डिस्चार्ज हो चुके
कोरोना को हराकर घर लौटने वालों का सिलसिला जारी है। शनिवार को दो अस्पतालों से 23 और मरीज डिस्चार्ज हुए। अरबिंदो अस्पताल से 18 और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से 5 मरीजों की छुट्टी हुई। इंडेक्स के एडिशनल डायरेक्टर आरसी यादव ने बताया अस्पताल से अब तक लगभग 800 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 60 मरीजों का इलाज जारी है।
24 कंटेनमेंट, नया नहीं कोरोना संक्रमित मरीजों की
संख्या में कमी के साथ अब नए कंटेनमेंट एरिया भी कम हो गए हैं। शुक्रवार को जारी सूची में नए इलाकों में ग्राम पाडल्या में एक मरीज मिला। अब 24 कंटेनमेंट एरिया बचे हैं। शनिवार को नया कंटेनमेंट क्षेत्र नहीं बना।
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