नॉन कोविड-कोविड अस्पताल के बीच टूटे दरवाजों को देख संभागायुक्त बोले- लापरवाही नहीं चलेगी


बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में नॉन कोविड मरीजों को भर्ती करने की सुविधा शुरू होने के बाद रविवार सुबह संभागायुक्त जेके जैन और कलेक्टर दीपक सिंह व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। जहां संभागायुक्त ने नॉन कोविड और कोविड अस्पताल के बीच लगे सभी दरवाजों की एंट्री सील करने के निर्देश दिए। इस दौरान नॉन कोविड और कोविड अस्पताल के बीच उन्हें कई रास्ते खुले नजर आए। अस्पताल के दरवाजे टूटे पड़े थे। जिस पर संभागायुक्त ने डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए कहा कि व्यवस्था पर लाखों रुपए खर्च किया जा रहा है। एक बार में निरीक्षण कर तय कर लें कि कौन-कौन से रास्ते बंद होना है। एक बार में काम कराएं, लापरवाही नहीं चलेगी। हर बार निरीक्षण में गड़बड़ी नहीं मिलना चाहिए। वहीं कलेक्टर दीपक सिंह ने पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे टॉयलेट रिनोवेशन के कार्यों को देखा। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बताया कि दो दिन के भीतर नॉन कोविड और कोविड अस्पताल के सभी चिंहित टॉयलेट दुरुस्त कर दिए जाएंगे। रिनोवेशन के कार्यों से वे संतुष्ट नजर आए। वहीं कलेक्टर ने रेडक्रास सोसायटी से कोविड अस्पताल में मरीजों को पंखे लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर का कहना है कि कोविड के मरीजों को कूलर आदि में नहीं रखा जाता, ऐसे में उन्हें गर्मी से राहत देने के लिए पंखे लगाए जाएंगे।

सफाई कंपनी को मरीजों से लेना होगा फीडबैक
कलेक्टर दीपक सिंह ने वार्ड और टॉयलेट में गंदगी देखकर सफाई कंपनी को फिर से फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अब टॉयलेट और वार्ड की सफाई के दौरान मरीजों से फीडबैक लेकर रखना होगा। जिसकी फाइल कभी भी निरीक्षण में चैक की जाएगी। वहीं हर दिन सुबह 9 बजे तक पूरे अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

संभागायुक्त से 40 मिनट तक हुई बातचीत के बाद डॉक्टरों ने वापस लिया हड़ताल का फैसला
सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने दो दिन बाद सामूहिक हड़ताल करने की बात वापस ले ली है। वहीं रविवार को भी प्रशासन के खिलाफ काली पट्टी बांधकर विरोध करने का निर्णय भी निरस्त कर दिया गया। इसके पीछे संभागायुक्त के साथ बंद कमरे में चली करीब 40 मिनट की बातचीत बताई जा रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सर्वेश जैन ने बताया कि संभागायुक्त जेके जैन ने सभी डॉक्टरों से चर्चा कर कहा है कि चिकित्सकों पर कार्रवाई करना और नोटिस जारी करना यह एक प्रक्रिया है। लेकिन हम सब एक साथ रहकर ही काम कर सकेंगे। संभागायुक्त ने सभी चिकित्सकों का अाश्वासन दिया कि गलती होने पर उन्हें पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। जिसके बाद एसोसिएशन ने हड़ताल का फैसला वापस लिया। गौरतलब है िक 4 डॉक्टरों के वेतन रोकने और लैब इंचार्ज व डीन को नोटिस देने की कार्रवाई से बीएमसी के डॉक्टर नाराज थे और उन्होंने शनिवार को डीन को ज्ञापन सौंपते हुए रविवार से काली पट्टी बांधकर विरोध करने और दो दिन बाद सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी थी। जिसके बाद संभागायुक्त जेके जैन और कलेक्टर दीपक सिंह डॉक्टरों से बात करने के लिए बीएमसी पहुंचे और उनकी समझाइश के बाद मामला शांत हो गया।



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Looking at the broken doors between the non-Kovid-Kovid hospital, the Divisional Commissioner said - Negligence will not work.


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