सउदी अरब में कोरोना संक्रमण के चलते इस बार हज यात्रा निरस्त हो गई है। इसी कारण हज कमेटी ऑफ इंडिया ने यात्रा पर जाने वाले लोगों के पैसे रिफंड करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष हज यात्रा के लिए फ्लाइट शिड्यूल मई माह में जारी कर दिया गया था और 42 से 45 दिन की यह यात्रा 13 जुलाई से प्रारंभ हुई थी। इस बार अभी तक ऐसा कुछ नहीं होने से ही यात्रा के निरस्त होने की सूचना केंद्रीय अल्प संख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक दिन पहले दी है। इसकी पुष्टि जिला हज कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल हक ने की।
कुछ समय पहले हज कमेटी ऑफ इंडिया जमा पैसा रिफंड करने को लेकर आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि बार-बार पत्र लिखने के बाद भी सऊदी सरकार ने हज यात्रा 2020 को लेकर अभी तक कोई उत्तर नहीं दिया है। इससे यात्रा की तैयारियों आगे नहीं बढ़ सकी हैं। चूंकि अब समय काफी कम बचा है इसलिए कमेटी ने हज 2020 की यात्रा को निरस्त कर पैसा वापस करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। श्री हक ने कहा कि इस यात्रा के लिए दो किश्तों में 2 लाख 1 हजार प्रति आवेदक जमा हो चुका है। अंतिम किश्त फ्लाइट का किराया व सऊदी अरब सरकार के निर्देश के बाद जमा होनी थी ।
ज्ञात रहे इस बार अंचल से 250 यात्री हज पर जाने को तैयार थे। गत वर्ष यह संख्या 270 थी। इस बार सर्वाधिक 57 यात्री शिवपुरी से, ग्वालियर से 55 और श्योपुर से 45 तथा भिंड से सिर्फ 13 यात्री फार्म भर चुके हैं। अंचल के अन्य जिलों से भी कुछ यात्री जाने वाले थे।
आवेदकों ने दो किश्तों में 2 लाख 1 हजार रुपए जमा किए
जिला हज कमेटी के अध्यक्ष श्री हक ने कहा कि जो लोग पैसा जमा करा चुके हैं, उन्हें बिना किसी कटौती के पूरा पैसा वापस किया जाएगा। इसके लिए हज कमेटी ने प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पैसा एक महीने में घर बैठे सभी को मिल जाएगा। यदि किसी यात्री को कोई परेशानी है तो वह उनसे (अब्दुल हक ) संपर्क कर सकता है। इस बार देशभर से 2.13 लाख आवेदन जमा हुए हैं। बिना मेहरम के 2300 महिलाओं ने आवेदन किए हैं। इनके नाम वर्ष 2021 के हज यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के लिए प्रति आवेदक 2 लाख 1 हजार रुपए जमा हो चुका है।
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