संजय गुप्ता, 1 जुलाई को इंदौर में एक्टिव मरीज 817 थे, इसमें 600 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे, लेकिन 26 जुलाई को एक्टिव मरीज 1982 हो गए हैं। अस्पतालों में अभी 1749 मरीज भर्ती हैं, जबकि कुल उपलब्ध बेड 5421 हैं। जैसे ही 65 फीसदी यानी करीब 3500 बेड मरीजों से भर जाएंगे, लॉकडाउन ही विकल्प रह जाएगा। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति काफी हद तक अस्पतालों में बेड की व्यवस्था पर निर्भर रहती है। हमारी पूरी नजर उस पर है। अलार्मिंग स्थिति बनी तो फिर भोपाल की तरह लॉकडाउन पर विचार करना होगा। उधर, सोमवार को शहर में 73 नए कोरोना मरीज मिले हैं जबकि 2 की मौत हो गई। 1130 सैंपल की जांच में 1027 निगेटिव आए हैं। 59 मरीज कोरोना को हराकर घर लौटे हैं। मृत्युदर पहली बार एक फीसदी से नीचे है।

- इनके जज्बे की ही कद्र कर लें
- लगातार 118 दिन, 3500 सैंपल लिए
- डॉ. बृजभूषण पटेल डेंटिस्ट हैं और भोपाल से हैं। कोरोना के केस बढ़े तो एनएचएम के तहत 31 मार्च को इंदौर भेजा गया। तब से अब तक यानी 118 दिन में शहर के अमूमन हर इलाके से साढ़े तीन हजार से ज्यादा सैंपल लिए हैं। शुरू में परिवार इसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन उन्हें समझाया पीछे नहीं हट सकते।
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