हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के गांव मानकुंड के करीब 100 किसानाें काे प्याज की भावांतर राशि दाे साल बाद भी नहीं मिल पाई है। इससे नाराज किसानाें ने शुक्रवार काे उपचुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। गांव में जगह-जगह चुनाव बहिष्कार के फ्लेक्स लगाकर विराेध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं एेसे 10 गांवाें के 970 किसान और हैं जिन्हें भी अब तक भावांतर की राशि नहीं मिली है।
मानकुंड के किसान मुकेश मुकाती, कृष्ण मुकाती, रामेश्वर नेताजी, मांगीलाल पाटीदार, किशनलाल मुकाती, ओमप्रकाश पाटीदार, धर्मेंद्र राणा, ललित मुकाती, रामकिशन पाटीदार अादि किसानाें ने बताया कि वर्ष 2018-19 में शिवराज सरकार ने भावांतर याेजना के तहत किसानाें से प्याज खरीदा था। इसकी भावांतर राशि सरकार ने दाे साल बाद भी किसानाें के खाताें में नहीं डाली है।
विधानसभा उपचुनाव के पूर्व यदि सरकार भावांतर का पैसा देती है तो ठीक नहीं तो किसानों ने फैसला कर लिया है कि हम उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे। किसानों ने गांव में फ्लेक्स लगाकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चुनाव का नतीजा किसानों के आधार पर होगा। इसके नतीजे के लिए सरकार तैयार रहे।
इसी तरह डेरियासाहू के किसान रवि पाटीदार ने बताया कि हमारे गांव के भी कई किसानों की भावांतर राशि अब तक नहीं मिली है। इसके कारण किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। किसानाें ने शासन-प्रशासर से मांग की है कि शीघ्र ही प्याज की भावांतर राशि हमारे खाताें में डाली जाए।
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