घाघरला के जंगल में एक बार फिर शुक्रवार सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंचे वनकर्मियों और ग्रामीणों पर 200 से अधिक अतिक्रमणकारियों ने तीर-गोफन से हमला कर दिया। तीन और पत्थर लगने से 100 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें से चार को गंभीर चोटें आई है। कुछ ग्रामीणों को पकड़कर अतिक्रमणकारियों ने पीटा भी। अचानक हुए हमले के बाद वनकर्मियों और ग्रामीणों ने भाग कर जान बचाई। घाघरला के जंगल में उन पर यह चौथा हमला था।
घाघरला के जंगल में पेड़ों की कटाई कर यहां अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिलने पर डीएफओ गौरव चौधरी ने विभागीय अफसर-कर्मचारियों को टीम गठित कर कार्रवाई करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इस पर शुक्रवार सुबह बुरहानपुर, असीर, धुलकोट, नावरा और चांदनी रेंज का अमला एसएफ जवानों, वन सुरक्षा समिति सदस्यों और ग्रामीणों के साथ अतिक्रमणकारियों को समझाइश देने जंगल पहुंचा लेकिन यहां हथियारबंद अतिक्रमणकारी पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उन्होंने अचानक तीर और गोफन से हमला कर दिया। पत्थर लगने से 100 से अधिक ग्रामीण घायल हुए हैं। तीन ग्रामीणों और एक वनरक्षक को गंभीर चोटें आई है।
अचानक हुआ हमला
अमला ग्रामीणों और वन सुरक्षा समिति सदस्यों के साथ अतिक्रमण हटाने और समझाइश देने गया था लेकिन अतिक्रमणकारियों ने अचानक हमला कर दिया। 4 लोग गंभीर घायल हुए हैं। कई ग्रामीणों को भी चोटें आई है। नावरा पुलिस चौकी और नेपानगर थाने में मामले की शिकायत की है।
-गुलाबसिंह बामने, रेंजर, नेपानगर
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