चिटफंड कंपनियों में रुपए जमा करने वाले लोगों को अब अपने रुपए वापस लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। कई सालों से लोग अपने रुपए वापस लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आलीराजपुर जिले में ऐसी फर्जी कंपनियों के कई मामले सामने आ चुके हैं जो लोगों का करोड़ों रुपए गबन कर चुकी है। पिछले दिनों इस तरह के एक मामले में दो लोगों पर कोतवाली थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
जालसाजी का नया मामला एक बार फिर गुरुवार को सामने आया है। आलीराजपुर शहर के करीब 10 से 12 लोग सहारा इंडिया कंपनी की शिकायत लेकर एसडीओपी कार्यालय पहुंचे। खातेदारों ने कहा कि सहारा इंडिया कंपनी हमारे रुपए वापस नहीं लौटा रही है। हम एक-एक रुपए जमा कर हर महीने कंपनी के एजेंटों काे जमा कराते थे। लेकिन हमारी डायरियां पूरी हो जाने के बाद हमें न मूल मिल रहा है और न ब्याज।
कंपनी कार्यालय के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं। हमारी लाखों रुपए की एफडी जो कि परिपक्व हो चुकी है उसका रुपए भी नहीं दे रहे हैं। कार्यालय जाने पर जिम्मेदार अधिकारी ठीक से जवाब तक नहीं दे रहे हैं। इस पर एसडीओपी धीरज बब्बर ने कहा कि आप लोग एक लिखित आवेदन बनाकर सभी जानकारियां लिखकर मुझे दे दिजिए। इसमें स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि किन-किन लोगों का कितना रुपए है और किस तरह जमा कराया था। इसके बाद हम मामले की जांच शुरू करेंगे। कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
इन लोगों ने की शिकायत
शांतीलाल भागीरथ जोशी निवासी आलीराजपुर ने बताया कि हमें कंपनी ने स्कीम बताई थी। करीब 8 साल पहले मैंने रुपए जमा करना शुरू किया था। हर महीने 400-400 रुपए जमा कराता था। इसपर मुझे 2.50 प्रतिशत ब्याज देने की बात कही गई थी। कुछ साल तक रुपए और ब्याज मिला लेकिन करीब 3 साल से मुझे कुछ नहीं मिला है। कंपनी के चक्कर काटने पर मजबूर हूं। मेरे करीब 2.50 लाख रुपए फंसे हैं। इसी तरह हरसवाट के कुवरसिंह ने बताया कि मेरे 75000 रुपए फंसे हैं। दीपा पति प्रमोद ने कहा कि हर महीने 1000-100 रुपए जमा कराते थे। करीब 50 हजार रुपए हो चुके हैं लेकिन अब कंपनी वापस नहीं दे रही है।
लोग बोले- कंपनी ने सबकुछ छीन लिया
राजू वाणी निवासी आलीराजपुर ने बताया कि मैं कंपनी में 1200 रुपए हर महीने जमा कराता था। एक-एक साल की एफडी भी कराई थी। मेरा करीब 9 लाख रुपए फंसा है। कंपनी हमें रुपए नहीं लौटा कर हमारा सबकुछ छीन रही है। इसी तरह की शिकायत भुपेंद्र चौंगड और मनोज चौहान ने भी की। खातेदार बबीता गुप्ता ने बताया कि उनका करीब 5 लाख रुपए अटका हुआ है।
मामले की जांच करेंगे
शिकायत लेकर आए लोगों से आवेदन देने के लिए कहा गया है। इसके बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
धीरज बब्बर, एसडीओपी
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