रविवार को सूर्यग्रहण सुबह 10.10 बजे से शुरू होगा। ग्रहण दोपहर 1.42 बजे तक रहेगा। इंदौर-उज्जैन में ग्रहण का पर्वकाल 3 घंटे 32 मिनट तक रहेगा। आषाढ़ी अमावस्या, रविवार, मृगशिरा-आर्द्रा नक्षत्र, गंड-वृद्धि योग में घटित होने वाला सूर्यग्रहण पूरे भारत वर्ष में दिखाई देगा। यह ग्रहण खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा। इससे पहले 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण हुआ था। इस साल का यह पहला सूर्यग्रहण है। गुजरात के भुज में सुबह 9.58 बजे देश के इस साल के पहले सूर्यग्रहण की शुरुआत होगी। चार घंटे बाद यह असम के डिब्रूगढ़ में 2.29 मिनट पर समाप्त होगा।

19 साल पहले भी ग्रहण पर यूं ही छाए बादल ग्रहण कब लगा, कब खत्म हुआ, पता ही नहीं चला
21 जून 2001 का दिन | रविवार को होने वाले सूर्यग्रहण की तरह इस दिन भी ग्रहण था। 19 साल पहले लगे सूर्यग्रहण पर बादलों ने भी ग्रहण लगा दिया था। इस दिन ग्रहण कब लगा और खत्म हो गया पता ही नहीं चला था। कारण यह कि मानसून की घटाएं इस दिन सुबह से शाम तक एक जैसी बनी हुई थी। दिसंबर 2019 में लगे सूर्य ग्रहण के वक्त ही हल्के से बादल थे। 2019 में जून से लेकर दिसंबर तक बारिश होती रही थी। इस दिन भी बादल थे, लेकिन सूर्यग्रहण देखा गया था।
स्नान व दान का फल कई गुना
पंडितों के अनुसार ग्रहण स्पर्श के समय स्नान व मंत्र जप, मध्य में हवन-पूजन व मोक्ष के समय स्नान व दान का विशेष महत्व है। ग्रहण काल मंत्र सिद्धि का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। रविवार को ग्रहण होने से चूड़ामणि योग भी बन रहा है।
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