जिले में 17 जून तक 276 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें से 233 मरीज शहरी और केवल 41 मरीज ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहर में कोरोना संक्रमण किस तरह अपने पैर पसार चुका है। हैरानी की बात तो यह है कि शहर में मिले 235 मरीजों में से 116 केवल सदर क्षेत्र से हैं। वहीं 30 से भी अधिक वार्ड संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। शहर में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अब प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है। जिसमें प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर सैंपल के लिए शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में फैले संक्रमण की हकीकत सामने आ सके।
इन ग्रामीण इलाकों में मिले पॉजिटिव: ग्रामीण इलाकों में खुरई, बीना, राहतगढ़, देवरी मालथौन, बंडा, केसली, जैसीनगर और गढ़ाकोटा ब्लॉक से हैं। इनमें सबसे अधिक पॉजिटिव खुरई और गढ़ाकोटा में मिले हैं।

दिल्ली से लौटे व्यक्ति समेत 2 पॉजिटिव, 4 हुए डिस्चार्ज
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब से गुरुवार को दो और पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है। इनमें एक 55 वर्षीय पॉजिटिव संत कबीर वार्ड निवासी हैं। जो हाल ही में दिल्ली से लौटे थे। दो दिन पहले इन्हें ज्ञानोदय में क्वारेंटाइन किया गया था। जहां हुई सैंपलिंग में रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वहीं दूसरे बाहुवली कॉलोनी निवासी 54 वर्षीय पुरुष हैं। जो पेशे से ठेकेदार हैं। इनकी कोई कॉन्टेक्ट हिस्ट्री नहीं है। दोनों मरीजों को इलाज के लिए बीएमसी में भर्ती किया गया है। जिसके बाद सागर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 278 हो गई है। वहीं गुरुवार को 4 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौटे। इनमें एक शनीचरी, दो सदर और एक बाहुवली कॉलोनी निवासी हैं। सभी को 14 दिन तक होम क्वारेंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले डॉ. एनएस मौर्या गुरुवार को बीड़ी अस्पताल पहुंचे थे। जहां उन्होंने अपनी सैंपलिंग कराई। डॉ. मौर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अस्पताल बंद कर दिया है। इसकी सूचना भी सीएमएचओ कार्यालय को दी जा चुकी है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही वे अस्पताल दोबारा शुरू करने के संबंध में फैला लेंगे।
नर्सिंग स्टाफ ने संभागायुक्त से भी की शिकायत : बीएमसी के नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। सुबह करीब 12 बजे नर्सिंग स्टाफ डीन कार्यालय के सामने इकट्ठा हुआ। जहां से सभी संभागायुक्त जेके जैन के पास पहुंचे। नर्सिंग स्टाफ का एक दल उनके मिलने गया और अपनी समस्याएं संभागायुक्त के समक्ष रखीं। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि शासन ने बगैर सोच समझे क्वारेंटाइन खत्म करने का आदेश जारी किया है। स्टाफ का कहना था कि उन्हें खुद की नहीं,लेकिन परिवार व आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों की चिंता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3eeH1wL