आयुध निर्माणी खमरिया के 77 साल के इतिहास में पहली बार आधी रात के बाद भोजन के लिए अवकाश मिलने वाला है। अब सवाल यह उठता है कि रात के ढाई-तीन बजे भोजन अवकाश करेगा कौन? नाइट की शिफ्ट में शामिल होने वाले तकरीबन सभी कर्मचारी डिनर करने के बाद ही ड्यूटी पर पहुँचते हैं। दरअसल, इसके पीछे भी एक दूसरा कारण बताया जा रहा है जिसमें प्रशासन को मोटी रकम बच सकेगी। ओएफके में सोमवार से पहले की तरह दो शिफ्टों पर काम शुरू होने जा रहा है। कर्मचारियों ने इसके लिए लगातार दबाव बनाया और निर्माणी प्रशासन भी अपने वादे के मुताबिक तीन से दो शिफ्टों में आने पर राजी हो गया। भले ही शिफ्ट पहले जैसी होने जा रही है, लेकिन कर्मचारियों को मिलने वाली पगार पहले जैसी नहीं रहेगी। अब इसमें नाइट अलाउंस कटौती का नया फाॅर्मूला जोड़ दिया गया है। इस संबंध में निर्माणी प्रशासन से चर्चा के प्रयास किए गए, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
न तुम जीते, न हम हारे पिछले तकरीबन दो सप्ताह से चल रहे गतिरोध का भले ही समापन हो गया है, लेकिन इसके लिए न तुम जीते और न हम हारे जैसी तरकीब चलाई गई। श्रमिक संगठनों का कहना है कि नाइट शिफ्ट में मिलने वाला अलाउंस अब कर्मचारियों को हासिल नहीं हो सकेगा। इससे हर आयुध कर्मी को तकरीबन एक हजार रुपए की साप्ताहिक क्षति उठानी पड़ेगी।
ड्यूटी ब्रेक में प्रावधान नहीं
नाइट अलाउंस में हर एक कर्मचारी के लिए अलग-अलग राशि तय है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए जरूरी है कि ड्यूटी में किसी तरह का ब्रेक नहीं होना चाहिए। रात में भोजन अवकाश देने से ड्यूटी ब्रेक होगी नतीजतन, कर्मचारियों को इसका लाभ हासिल नहीं हो सकेगा।
कर्मचारी बोले- औचित्य नहीं
कर्मचारी संगठन इंटक, लेबर यूनियन, बीपीएमएस के श्रमिक नेताओं का कहना है कि आधी रात को इस तरह के ब्रेक का कोई औचित्य ही नहीं बनता, यह साजिश के तहत किया जा रहा है। सोमवार को सभी संगठन एकजुट होकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराने वाले हैं। पी-4
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