शहर में जीतू सोनी ही वह शख्स है, जिससे संबंध निभाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी अब शहर में नहीं हैं।
- एडीजी वरुण कपूर : जीतू पर कार्रवाई के दौरान ही हटा दिया गया था। कार्रवाई और धरपकड़ के दौरान सख्ती नहीं दिखाने की बातें कही जा रही थीं।
- डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र: सबसे फ्रंट लीड में रही। जीतू के खिलाफ आए पीड़ितों की सुनवाई कर एफआईआर दर्ज की और उसके कभी एम्पायर गिराए।
- एसपी युसूफ कुरैशी : टीम को लीड किया, लेकिन खुलकर कभी सामने नहीं आए।
- क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह: जीतू के खिलाफ तथ्य जुटाए, लेकिन उस तक पहुंचने का इंटेलीजेंस फेल रहा।
- एएसपी प्रशांत चौबे : जीतू के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में जांंच का जिम्मा था। कार्रवाई भी की।
- एएसपी शैलेंद्र सिंह : जीतू के अखबार को ध्वस्त करने की मुहिम में डटे रहे। जीतू के बेटे अमित की गिरफ्तारी के बाद कड़ी पूछताछ भी की।
- सीएसपी ज्योति उमठ : स्थानीय सीएसपी होने के नाते मानव तस्करी केस में कई अहम साक्ष्य जुटाने में मदद की। माय होम से रेस्क्यू की गई युवतियों के बयान में अहम किरदार में थीं।
- पलासिया टीआई शशिकांत चौरसिया : जीतू के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हटा दिया गया था, लेकिन हनी ट्रैप की सही जांच न करने का आरोप लगा था। चौरसिया ही जीतू और उसके रिश्तेदारों पर मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं में फरियादी बने थे।
- टीआई धैर्यशील यैवले : 23 जनवरी 2017 में माय होम में एक डांसर ने फांसी लगा ली थी। उसमें ठीक से जांच नहीं करने पर गाज गिरी। उनके साथ दो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई।
6 राज्यों के 14 शहरों में की तलाशी, तब आया पकड़ में
- जीतू की तलाश में 46 लोगों की टीमें लगी थी। वहीं 3 सीएसपी, 4 टीआई भी इंदौर व आसपास के जिलों में निगरानी रखते थे।
- क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मप्र के 14 शहरों में उसे तलाश चुकी थी।
- हनी ट्रैप से जुड़ी कोई हार्डडिस्क, पेन ड्राइव, दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक आयटम जीतू के पास से नहीं मिला।
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