कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की पेंडेंसी और जांच के लिए भोपाल भेजने में हुई लेटलतीफी को लेकर संभागयुक्त ने प्रभारी डीन और वायरोलॉजी लैब के नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से 3 दिन में जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार 23 जून को 1600 से अधिक सैंपल लैब में जांच के लिए पेंडिंग थे। ऐसे में संभागयुक्त ने सैंपलों को भोपाल की लैब में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रभारी डीन और लैब इंचार्ज ने सैंपल भोपाल नहीं भेजें। इस बात से नाराज संभागयुक्त जेके जैन ने शुक्रवार को प्रभारी डीन डॉ. आरएस वर्मा और लैब प्रभारी डॉ. सुमित रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
ड्यूटी से नदारद चार डॉक्टरों के वेतन पर रोक
25 जून को नगर निगम आयुक्त आरपी अहिरवार और सीएमएचओ डॉ. इंद्राज सिंह ने बीएमसी के कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया था, इस दौरान 4 डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिले। इनमें डॉ. सुलभ जैन, डॉ. धर्मेंद्र कनेरिया, डॉ. हिमांशु सिंह और डॉ. ऐश्वर्या चतुर्वेदी के नाम शामिल थे। निगमायुक्त की रिपोर्ट पर संभागयुक्त जेके जैन ने चारों डॉक्टरों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि जिस शिफ्ट में निरीक्षण हुआ, उस शिफ्ट में उनकी ड्यूटी नहीं थी।
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