जिला प्रशासन ने बुधवार से “किल-कोरोना” अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 1700 टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया और डायरिया के मरीजों को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में यह सर्वे किया जा रहा है। रवींद्र नाट्य गृह में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले और सर्वे टीमों को प्रशिक्षण भी दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षकों का भी सहयोग लिया जा रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा।
पिछले सर्वे में करीब 12 हजार संदिग्ध मिले
मार्च में जब कोरोना वायरस प्रकोप शहर में आया तब स्क्रीनिंग और सैंपल की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। पिछली बार 7 लाख 25 हज़ार 748 परिवारों का सर्वे किया गया। सर्दी-जुकाम और खांसी से पीड़ित 9 हज़ार 381 और श्वांस संबंधी परेशानी के 2 हज़ार 567 मरीज मिले थे। इन सभी की स्क्रीनिंग के बाद संदिग्ध पाए जाने पर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। सर्वे में को-मॉर्बिड यानी शुगर, हाइपरटेंशन, कैंसर सहित अन्य बीमारी के मरीज खोजे गए। इनकी संख्या 45 हज़ार 954 थी।
कसेरा बाजार, स्वामी विवेकानंद नगर में भी मिले कोरोना संक्रमित
सांवेर, देपालपुर सहित आठ नए क्षेत्रों में कोविड-19 के मरीज सामने आए हैं। बुधवार को रेपिड रिस्पॉन्स टीम ने इन क्षेत्रों के पॉजिटिव मरीजों की स्क्रीनिंग की। जानकारी के अनुसार कसेरा बाजार, स्वामी विवेकानंद नगर, विक्रम टाॅवर, शालीमार रेसीडेंसी, महू के दो इलाके, सांवेर और देपालपुर में मरीज मिले हैं। इन दिनों रोजाना नए-नए इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जारी 25 मरीजों की सूची में 12 मरीज इन्हीं इलाकों से हैं।
सर्वे के बाद भी निकल रहे हैं पॉजिटिव, क्राॅस चेक करें
कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की पहले चरण में ही पहचान करने के लिए एक माह से सर्वे चल रहा है। इसके बाद भी लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसे लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सर्वे टीम को निर्देश दिए कि वह जांच करें कि सर्वे टीम संबंधित जगह गई थी कि नहीं। यदि गई थी तो इस टीम ने पॉजिटिव मिले मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर क्या डाटा अपलोड किया था। क्रॉस चेक करना जरूरी है।
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