ब्लॉक के सेमझिरा गांव में मनरेगा योजना के तहत बन रहा तालाब एक घंटे की बारिश में ही फूट गया। तालाब के पानी से एक किसान की दो एकड़ खेत में लगी सोयाबीन अाैर धान की फसल बह गई।
मनरेगा के तहत 3 लाख 32 हजार रुपए की लागत से ग्राम पंचायत तालाब का निर्माण कर रही थी। तालाब निर्माण में लापरवाही बरतने के चलते एक घंटे की बारिश में ही तालाब फूट गया। तालाब फूटते ही इसमें जमा पानी तेज गति से बहते हुए किसान महादेव चौधरी के खेत में पहुंच गया। पानी के बहाव से महादेव चौधरी के दो एकड़ खेत में लगी सोयाबीन और धान की फसल और मिट्टी बह गई। किसान का कहना है फसल और मिट्टी बहने से पूरा खेत खराब हो गया है। खेत की उपजाऊ मिट्टी बहने से पत्थर नजर आने लगे हैं। जिससे रबी फसल की बोवनी भी नहीं कर पाएगा। किसान ने तालाब फूटने से खेत और फसल को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। वहीं ग्रामीणों ने बताया ग्राम पंचायत ने तालाब निर्माण में लापरवाही बरती है।
तेज बारिश के कारण तालाब फूटा है, निर्माण कराएंगे
^तालाब निर्माणाधीन था। तेज बारिश में तालाब के आसपास की मिट्टी धसने से फूट गया। तालाब का दोबारा निर्माण किया जाएगा।
नकुल सिंह, सचिव, ग्राम पंचायत सेमझिरा
निर्माणाधीन तालाब पर 1.24 लाख रु. व्यय हुए
निरीक्षण किया है। तालाब निर्माणाधीन था। इसका दाेबारा कार्य कराया जाएगा। प्रतिवेदन जिपं सीईओकाे भेजा है। आगे कार्रवाई वही करेंगे।
मनीष शेंडे, सीईओ, जनपद पंचायत
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