(हरिनारायण शर्मा)राज्य सरकार ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित निम्न और मध्यम वर्ग के ऐसे लोगों के व्यापार को बढ़ाने का फैसला किया है, जो या तो सड़क पर ठेला या स्टॉल लगाकर या किसी विशेष हाट बाजार में अपना सामान बेचते हैं। इन्हें अब सरकार नियमित करने जा रही है। ऐसे में कोई भी निकाय इन्हें बिना वजह नहीं हटा सकेंगे।
इनका पंजीयन होगा और इन्हें प्रमाण पत्र भी मिलेगा, वह भी पांच साल के लिए। पंजीयन को तीन साल के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। सरकार ऐसे बाजारों को कानूनी मान्यता देना चाहती है। इसका उद्देश्य फुटपाथ या सड़क पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं के व्यवसाय को बढ़ावा देना है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक इस योजना का नाम है मप्र पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) योजना 2020।
उत्सव बाजार, विरासत बाजार होंगे शामिल
योजना में उत्सव बाजार (परंपरागत त्योहारों पर लगने वाले बाजार), विरासत बाजार (जो 50 साल से एक ही स्थान पर लगते आ रहे), प्राकृतिक बाजार (जहां क्रेता-विक्रेता सामान्य तौर पर इकट्ठा होते हैं), रात्रि बाजार (इंदौर में सराफा जैसी चौपाटी), मौसमी विक्रेता, साप्ताहिक हाट बाजार (जो किसी एक स्थान पर सप्ताह में एक दिन लगते हैं) शामिल हैं।
- शहर में 25 हजार से ज्यादा होंगे लाभान्वित
- शहर में 25 हजार से ज्यादा छोटे व्यापारी हैं जो इन हाट, बाजार में अस्थायी रूप से दुकानें लगाते हैं। सबसे ज्यादा फायदा इन्हें होगा।
- ये किसी भी तरह की पॉलिथीन का उपयोग नहीं करेंगे।
- अधिकतम 2 वर्ग मीटर क्षेत्र दिया जाएगा।
- स्टॉल, ठेले के सामने 1 मीटर से 2 मीटर की चौड़ाई का स्थान उपभोक्ताओं के खड़े होने, सामान खरीदने के लिए छोड़ना होगा।
- जहां इस तरह के हाट या दुकानें लग रही हैं, वहां यदि रास्ता संकरा हो, भीड़ हो रही हो या सड़क चौड़ी करना हो तो इन्हें हटा सकेंगे।
जिंसी हाट के 398 ओटले लॉटरी से देंगे
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए जिंसी हाट मैदान के 398 ओटले एक सप्ताह में व्यापारियों को अलॉट किए जाएंगे। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने शनिवार को जिंसी हाट मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने सीईओ संदीप सोनी से कहा कि ओटलों को लॉटरी पद्धति सेपारदर्शिता रखते हुए आगामी एक सप्ताह में आवंटित कर दिया जाए।
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