मौजूदा साल समय पर मानसून सक्रिय होने के बाद भी शहर को अभी तक गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पाई है। तीखी धूप और बादलों की आवाजाही के साथ तापमान में इजाफा हो रहा है। उधर, आषाढ़ के बाद अब सावन भी खत्म होने की कगार पर है। बारिश के आंकड़ों में शहर लगातार पिछड़ता जा रहा है। 1 जून से 25 जुलाई के बीच हुई बारिश का आंकड़ा अभी तक 215.2 मिमी (8.4 इंच) ही पहुंच पाया है। ऐसा 18 साल के बाद हुआ है। वर्ष 2002 में 1 जून से 31 जुलाई तक बारिश का कुल आंकड़ा 179.2 मिमी (7.0 इंच) था। उस दौरान सितंबर तक कुल बारिश का आंकड़ा 763.3 मिमी (30 इंच) तक ही पहुंच पाया है। जबकि औसत बारिश का आंकड़ा 1142 मिमी (44 इंच) है।
शुक्रवार को एक बार फिर दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रही। बीच-बीच में बारिश का माहौल बना लेकिन बादल बगैर बरसे ही रवाना हो गए। बादलों के छाने से उमस भरी गर्मी जरूर बढ़ गई। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज किया, जो सामान्य से 4 ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। वह सामान्य रहा। सुबह की आर्द्रता 84 फीसदी और शाम की आर्द्रता 69 फीसदी रही।
औसत से भी कम बारिश
शहर बारिश के मामले में लगातार पिछड़ता जा रहा है। अभी तक जो बारिश हुई है वह औसत से कम हैं। अभी तक 215.2 मिमी (8.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि 24 जुलाई तक 412.8 मिमी (16.4 इंच)बारिश हो जाना चाहिए थी। पिछले साल अभी तक 420 मिमी (16.5 इंच) हो चुकी थी।
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