955 बेड खाली, 100 और बढ़ाएंगे, अपने खर्च से निजी हॉस्पिटल में भी करवा सकेंगे इलाज

यदि अब किसी कि रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटिव आती है, तो 24 घंटे में उसके फर्स्ट कांटेक्ट के 15 लोगों का पता लगाकर कोरोना की चेन को समुदाय में फैलने से रोकें। उन सभी के भी टेस्ट करवाएं। साथ ही अब उज्जैन में भी इंदौर की तर्ज पर नाक एवं गला दोनों के सैंपल लिए जाएं। जरूरत पड़े तो इसके लिए स्वास्थ अमले को प्रशिक्षण दिलवाएं।
ये निर्देश परिवार कल्याण एवं स्वास्थ विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने कलेक्टर आशीष सिंह को दिए। वे शुक्रवार को उज्जैन जिले में कोरोना की रोकथाम की समीक्षा बैठक ले रहे थे। सुलेमान ने कहा कि यदि किसी की रिपोर्ट निगेटिव आए तो उसे घर जाने दिया जाए। उन्होंने जिले में 100 बेड और बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले को छह नए वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। अभी रोजाना औसतन 15 से 20 पॉजिटिव केस आ रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल ने बताया अप-डाउन वाले लोगों की वजह से कोरोना जिले में फैल रहा है।

उज्जैन में तो तैयारी पूरी : आरडी गार्डी और अमलतास मिलाकर ही 800 बेड खाली

उज्जैन|मरीजों की संख्या गुरुवार तक 186 थी। इनमें से 8 मरीज माधव नगर हॉस्पिटल से तथा 2 मरीज आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से शुक्रवार को स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचे हैं। शुक्रवार रात तक अब कुल 188 मरीज उपचाररत हैं। बढ़ते मरीजों के बीच उज्जैन और देवास के हॉस्पिटल को मिलाकर हमारे पास 955 बेड उपलब्ध हैं। यानी इतने और मरीजों का इलाज किया जा सकता है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉक्टर एचपी सोनानिया ने बताया कि अभी हमारे पास पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं। माधव नगर हॉस्पिटल के मेडिकल वार्ड, आई वार्ड व स्टोर वार्ड जरूर भर गए पर दूसरे हॉस्पिटल में पर्याप्त बेड हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉ.सुधाकर वैद्य ने बताया हॉस्पिटल में 55 मरीज भर्ती हैं। अभी 665 बेड और उपलब्ध है। शुक्रवार को 2 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं जोकि गंभीर हालत में थे। एक मरीज का इंदौर में इलाज हुआ था।
किस हॉस्पिटल में कितने मरीज भर्ती : माधवनगर हॉस्पिटल-65 मरीज, गार्डी मेडिकल कॉलेज-55 मरीज, अमलतास हॉस्पिटल देवास-15 मरीज, पीटीएस-30 मरीज।
अब बेड उपलब्ध : मेडिकल कॉलेज-665, माधव नगर हॉस्पिटल-35। अमलतास हॉस्पिटल-135, पीटीएस-120, कुल-955 बेड ।
(मरीजों की संख्या गुरुवार तक की स्थिति में)

जो न माने, उसके घर पोस्टर लगाएं
-सुलेमान ने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट का एरिया छोटा रखें। बोले कि कुछ व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं होते हैं कि उनके अंदर कोरोना के सिमटम्स हैं। ऐसे व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन कर उनके घरों पर पोस्टर लगाकर आसपास के लोगों को भी सचेत किया जाए।
बैंकों-भीड़वाली जगह ज्यादा खतरा
-कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे दुकानदारों, ज्वेलर्स एवं बैंक कर्मियों को समझाई दें। ये कि वे स्वयं मास्क लगाएं एवं अपनी संस्थान के बाहर सेनीटाइजर रखकर उसका उपयोग आने-जाने वालों से करवाएं। उन्होंने कहा कि बैंकों के माध्यम से और पुरानी जगहों से पुन: कोरोना के नए प्रकरण पाए जाना चिंतजनक है।
सशुल्क निजी अस्पताल में इलाज
-सुलेमान ने कहा संपन्न व्यक्ति जो शासकीय अस्पतालों में इलाज नहीं कराना चाहते, निजी वार्ड चाहते हैं और इसके लिए भुगतान भी करने में सक्षम हैं, ऐसे व्यक्तियों के लिए निजी अस्पतालों से बात कर व्यवस्था करवाएं।
अकेले वृंदावन कॉलोनी में 54 केस
- कलेक्टर ने कहा बाहर से आने वाले लोगों की वजह से कोरोना के प्रकरण में तेजी आई है। कोविड के रोगियों में चार बैंककर्मी, आठ फायनेंस कर्मी, दो पुलिस कर्मी, दो एमआर, अनाज मंडी के दो व्यक्ति, चार सब्जी विक्रेता तथा हर वर्ग के लोग शामिल हैं। सभी की कांटेक्ट हिस्ट्री निकाली गई है। कलेक्टर ने बताया कि वृन्दावन कॉलोनी में 54 मरीज पाए गए हैं।



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955 beds are empty, 100 more will be increased, they will be able to get treatment in private hospital at their own cost


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