निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों को भी अंग्रेजी मीडियम स्तर का बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। विभाग ने छह साल पहले हर ब्लाक के एक प्राथमिक स्कूल को अंग्रेजी मीडियम का दर्जा दिया था, लेकिन स्कूल उस स्तर के नहीं बन पाए। शिक्षक नहीं मिले तो विभाग ने तीन स्कूलों मेंे प्रवेश बंद कर दिया। इधर उत्कृष्ट खंडवा में इस साल से 9वीं कक्षा में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई शुरू करना था, लेकिन प्रबंधन ने कम आवेदन आने का बहाना बनाकर एक भी आवेदक को प्रवेश नहीं दिया।
खंडवा, छैगांवमाखन, पंधाना, हरसूद, पुनासा, खालवा व बलड़ी ब्लाक के एक-एक प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम स्तर की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन शिक्षक नहीं होने से खंडवा का गणेशगंज, बलडी का बलियापुरा व पुनासा के प्राथमिक स्कूल में प्रवेश बंद हो गया।
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ये व्यवस्था : 9वीं से हिंदी मीडियम ही पढ़ेगा विद्यार्थी
शासन की योजना थी कि कक्षा पहली से 12वीं तक सरकारी स्कूल का हर बच्चा अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई करे, लेकिन जिले के जिन स्कूलों में बच्चे अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें 9वीं में हिंदी मीडियम से ही पढ़ना होगा। क्योंकि जिले के एक भी हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई शुरू नहीं हुई है।
इस साल से खंडवा उत्कृष्ट में भी 9वीं कक्षा में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई शुरू करनी थी, लेकिन अंग्रेजी से पढ़ाई के लिए केवल 4 ही आवेदन आए इसलिए प्रवेश नहीं दिया। 30 विद्यार्थियों के आवेदन आते तो कक्षा शुरू करते।
-आरके सेन, प्राचार्य, उत्कृष्ट विद्यालय
यहां 9वीं से शुरुआत की लेकिन प्रवेश नहीं दिया
खंडवा के उत्कृष्ट विद्यालय में इस साल 9वीं कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया में हिंदी व अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई के लिए आप्शन दिए गए थे, जब विद्यार्थी प्रवेश लेने आए तो प्रबंधन ने उन्हें कम संख्या होने से इंकार कर दिया।
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