शास्त्री ब्रिज के पास लगे होर्डिंग आखिरकार हटाए जाना शुरू हो गए हैं। इनके कारण न सिर्फ वाहन चालकों को समस्या होती थी, बल्कि हादसे का डर भी बना रहता था। 26 नवंबर को रीगल तिराहे के पास शास्त्री ब्रिज से लगे होर्डिंग पर एक युवक चढ़ गया था। 55 फीट ऊंचे इस होर्डिंग से उसने कूदकर जान देने की कोशिश की थी। समय रहते पुलिस और निगम की टीम ने समझाइश देकर घंटेभर की मशक्कत के बाद उसे उतारा था। इस होर्डिंग को लेकर निगम और रेलवे में लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
होर्डिंग इतने ऊंचे और खतरनाक हालत में थे कि निगम यह कहकर पल्ला झाड़ रहा था कि रेलवे की जमीन पर होर्डिंग हैं तो वही हटवाएगा। इसके लिए रेलवे को पत्र भी लिखे गए थे। लॉकडाउन के बाद आखिरकार अब इन होर्डिंग को हटाने का काम शुरू हो गया है। इस पर विज्ञापन तो लंबे समय से लगना बंद हो गए थे।
आंधी से गिरा था मधुमिलन पर होर्डिंग
कुछ साल पहले मधुमिलन चौराहे पर एक इमारत पर लगा होर्डिंग तेज बारिश के कारण टूटकर सड़क पर गिर गया था। इसके बाद से इमारतों की छतों और ऊंचाई पर लगने वाले होर्डिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इधर बारिश आ गई और शहर के आधे चैंबरों की सफाई ही नहीं हुई, गलियों में भरेगा पानी
मानूसन आ गया और निगम शहर के चैंबरों की सफाई नहीं कर सका। कुछ जगह थोड़ी बारिश में ओवरफ्लो हो गए। निगमायुक्त ने नदी-नालों की सफाई के लिए निर्देशित किया था। इसके तहत बारिश शुरू होने से पहले सफाई कार्य पूरा करना था। अब मानसून आ गया और अभी कान्ह व सरस्वती नदी के अलावा शहर के 6 नालों से जलकुंभी हटाने, अवरोधक हटाकर जल निकासी का काम हो रहा है। शहर में 1 लाख 74 हजार से अधिक ड्रेनेज चैंबरों की सफाई का अभियान भी चलाया जा रहा है।
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