टाेंकखुर्द विकासखंड के सरकारी स्कूलों के कई शिक्षकाें को मई और जून का वेतन अब तक नहीं मिला है। जुलाई भी लगभग खत्म हाेने वाला है। ऐसे में शिक्षकों की समस्या बढ़ती जा रही है। वेतन खाते में नहीं आने का कारण एम्प्लाई कोड की समस्या है, जिन्हें कोड जारी हो गए हैं, उन्हें वेतन मिल गया है। बाकी को वेतन कब तक मिलेगा। इसे लेकर किसी के पास जवाब नहीं है। वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
पुरानी व्यवस्था देखें तो पहले शिक्षकों के वेतन के लिए संकुल से बिल लगाए जाते थे। इसके बाद ट्रेजरी से सीधे खाते में राशि जमा हो जाती थी, लेकिन अब व्यवस्था बदल गई है। शिक्षकों को पहले एम्प्लाई कोड जारी होंगे, उसके बाद वेतन मिलेगा। शिक्षकों का कहना है कि एम्प्लाई कोड के कारण वेतन रोकना सही नहीं है। अभी जितनी परेशानी आ रही है आगे ये बढ़ जाएगी।
भाेपाल से अब तक राशि नहीं डली है : डीईओ
अध्यापक संवर्ग के हेड में भाेपाल से अब तक राशि नहीं डली है। वरिष्ठों से हुई चर्चा अनुसार एक-दाे दिन में राशि डल जाएगी। जैसे ही राशि डलेगी शिक्षकाें का वेतन डलवा दिया जाएगा।’
राजीव सूर्यवंशी, डीईओ देवास
शिक्षक बाेले- दुकानदार और दूध वाले उधारी मांग रहे
शिक्षकाें का कहना है कोरोना के बीच हर दिन विद्यार्थियों के पास पहुंचकर पढ़ाई के साथ, वर्क बुक, होमवर्क, रेडियो, डिजिलेप द्वारा दिए जा रहे ऑनलाइन वीडियो दिखा रहे हैं। कुछ दिन बाद राखी व ईद आने वाली है। ऐसे में त्याेहार कैसे मनाएंगे। राशन, दूध, सब्जी उधार ले लेकर परेशान हो गए हैं। दुकानदार पुरानी उधारी के रुपए मांगने लग गए हैं। गृह लोन, पर्सनल लोन बैंकों में ओवरड्यू हो रहे हैं। तीन माह से लोन की किश्त जमा नहीं हो पाई है। शिक्षकों ने कई बार अधिकारियों एवं लिपिकों से पूछा, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। जबकि एम्प्लाई कोड जारी होने के लिए शिक्षकों ने ई-केवाईसी सत्यापन की प्रक्रिया मार्च में ही पूरी कर ली है।
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